पहला Trillionaire Elon Musk
टेस्ला के शेयरहोल्डर्स ने हाल ही में एक ऐसा फैसला लिया है जिसने पूरी कारोबारी दुनिया को हैरान कर दिया है।
कंपनी के निवेशकों ने अपने सीईओ Elon Musk को करीब 88 लाख करोड़ रुपये (56 बिलियन डॉलर) के विशाल पे-पैकेज को मंजूरी दे दी — जो अब तक किसी भी कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़ा है।
यह सिर्फ एक सैलरी या बोनस नहीं है; यह एक ऐसा प्रदर्शन-आधारित अनुबंध है जो Elon Musk को दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बना सकता है,
लेकिन उसी स्थिति में जब टेस्ला ऐसे लक्ष्यों को छू ले जो अब तक किसी भी ऑटोमोबाइल कंपनी के लिए असंभव माने जाते रहे हैं।
कैसे होती है Elon Musk की कमाई?
Elon Musk को वेतन के रूप में कोई सैलरी नहीं मिलती. उनकी पूरी कमाई स्टॉक ऑप्शंस के जरिए होती है. इस नए पैकेज के तहत उन्हें अगले 10 वर्षों में 423.7 मिलियन टेस्ला शेयर मिल सकते हैं. अगर कंपनी का मार्केट वैल्यू 8.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचता है, तो यह पैकेज करीब 1 ट्रिलियन डॉलर तक का हो सकता है. इसका मतलब है कि टेस्ला का शेयर भाव मौजूदा स्तर से लगभग 466 प्रतिशत बढ़ना होगा, जिससे यह Nvidia जैसी दिग्गज कंपनी से भी ज्यादा वैल्यूएशन वाली बन जाएगी.
अगर Elon Musk इस पैकेज की सभी 12 किश्तों को हासिल कर लेते हैं, तो उनकी औसत दैनिक कमाई 275 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,300 करोड़) प्रति दिन होगी, यह किसी भी एक्जीक्यूटिव के लिए अब तक का सबसे बड़ा पे डील होगा.
अदालत से लेकर बोर्डरूम तक की लंबी जंग

यह प्रस्ताव कोई नया नहीं है।
2018 में टेस्ला ने पहली बार यह योजना पास की थी, पर 2024 की शुरुआत में डेलावेयर कोर्ट ने इसे पारदर्शिता की कमी बताते हुए निरस्त कर दिया था।
Elon Musk और उनके समर्थक इस फैसले से नाराज थे, जबकि आलोचकों का कहना था कि यह अनुबंध कॉर्पोरेट गवर्नेंस के बुनियादी सिद्धांतों को कमजोर करता है।
आख़िरकार 2025 में, जब टेस्ला ने नए सिरे से मतदान कराया, तो लगभग 75 प्रतिशत शेयरहोल्डर्स ने Elon Musk के पक्ष में मतदान किया —
जो इस बात का संकेत है कि टेस्ला समुदाय अब भी अपने सीईओ की दृष्टि पर पूरा भरोसा रखता है।
क्या है 88 लाख करोड़ के पैकेज की असली कहानी

Elon Musk को यह रकम सीधे नहीं मिलेगी।
यह एक स्टॉक-ऑप्शन आधारित इंसेंटिव प्लान है, जिसमें 12 ट्रांच (हिस्से) बनाए गए हैं।
हर ट्रांच तब ही अनलॉक होगी जब टेस्ला कुछ खास व्यावसायिक व वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करेगी।
इनमें सबसे अहम है — कंपनी का मार्केट वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 8.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना।
साथ ही, टेस्ला को हर साल 20 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करनी होगी,
1 मिलियन रोबोटैक्सी को सड़कों पर उतारना होगा और 1 मिलियन ह्यूमनॉइड रोबोट (Optimus) लॉन्च करने होंगे।
ये लक्ष्य इतने ऊँचे हैं कि कई विशेषज्ञ इन्हें “साइंस-फिक्शन” जैसा बताते हैं,
लेकिन Elon Musk के ट्रैक-रिकॉर्ड को देखते हुए असंभव भी संभव लगता है।
मस्क की रणनीति: कंपनी से आगे सोचने की आदत
एलन मस्क हमेशा कहते हैं कि टेस्ला केवल एक कार कंपनी नहीं है,
बल्कि यह ऊर्जा, एआई और रोबोटिक्स की दुनिया में भविष्य की दिशा तय कर रही है।
उनकी नज़र सिर्फ सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों तक सीमित नहीं,
बल्कि उस पूरी तकनीक पर है जो मानव जीवन को स्वचालित, सुरक्षित और स्थायी बना सके।
SpaceX, Neuralink और xAI के साथ मस्क का इकोसिस्टम एक ऐसी “मशीन” की तरह है
जो इंसानों को पृथ्वी से मंगल तक पहुंचाने के विज़न को वास्तविकता में बदलना चाहता है।
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एक कठिन सौदा, सख्त शर्तें
इस डील को “महत्वाकांक्षी” कहना शायद कम होगा।
टेस्ला के भीतर बने नियम बेहद सख्त हैं —
अगर कंपनी अपने वित्तीय या प्रोडक्शन टारगेट्स का एक भी हिस्सा चूकती है,
तो मस्क को उस हिस्से का इंसेंटिव नहीं मिलेगा।
यह योजना इस बात पर निर्भर करती है कि टेस्ला अपनी तकनीकी सीमाओं को कितना आगे धकेल सकती है।
कंपनी के बोर्ड का कहना है कि यह सौदा सिर्फ मस्क के लिए नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भी जीत का सौदा है,
क्योंकि जितना बड़ा टारगेट पूरा होगा, उतनी ही कंपनी की मार्केट वैल्यू में बढ़ोतरी होगी।
क्या करना चाहते हैं मस्क?
एलन मस्क ने साफ कहा है कि Tesla सिर्फ कार बनाने वाली कंपनी नहीं रहेगी। वे सेल्फ ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और AI में क्रांति लाना चाहते हैं। उनका मानना है कि टेस्ला दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। इतना ही नहीं मस्क ने 10 लाख ह्यूमनॉइड रोबोट्स बेचने का टार्गेट भी रखा है। ये रोबोट्स इंसानों की तरह काम कर सकेंगे। इसे लेकर मस्क ने अपने वायरल डांस के बाद कहा कि “हम सिर्फ गाड़ियों में नहीं, बल्कि robotics और AI में नए युग में प्रवेश कर रहे हैं।”
एलन मस्क का जवाब
जब वोटिंग के नतीजे आए, तो मस्क ने मंच से कहा,
“मैं आपके भरोसे का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं इस फैसले को टेस्ला के भविष्य में विश्वास की जीत मानता हूं।”
उनके इस बयान ने निवेशकों में जोश भर दिया।
शेयर बाजार में टेस्ला के स्टॉक ने उसी दिन लगभग 8 प्रतिशत की छलांग लगाई —
जो बताता है कि मार्केट अब भी “मस्क इफ़ेक्ट” पर भरोसा रखता है।

क्या अब ट्रिलियनेयर बनने से बस एक कदम दूर हैं मस्क?
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार मस्क की मौजूदा संपत्ति करीब ₹ 21 लाख करोड़ के आसपास है।
अगर टेस्ला अपने निर्धारित टारगेट्स का आधा भी पूरा कर लेती है,
तो मस्क की नेट वर्थ 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकती है।
यह उन्हें मानव इतिहास का पहला ट्रिलियनेयर बना देगा —
एक ऐसा खिताब जो न केवल उनकी आर्थिक शक्ति बल्कि
उनके तकनीकी प्रभाव और दृष्टिकोण का भी प्रतीक होगा।





