
12 सितंबर 2025 की अल सुबह बरेली के सिविल लाइंस इलाके में बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी के पारिवारिक घर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग की। उस समय दिशा पटानी घर पर मौजूद नहीं थीं, लेकिन उनके माता-पिता और बहन खुष्बू पटानी अंदर थे। फायरिंग में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बाद में यह खुलासा हुआ कि हमले में विदेशी बनी बंदूकों का इस्तेमाल किया गया। घटना के कुछ ही समय बाद गैंगस्टर गोल्डी ब्रार और रोहित गोदारा से जुड़े गिरोह ने सोशल मीडिया पर इस फायरिंग की जिम्मेदारी ली। पुलिस ने इसे बेहद संवेदनशील मामला करार दिया क्योंकि इसमें गैंगस्टर नेटवर्क, सुरक्षा और धार्मिक मुद्दों से जुड़े तनाव की आशंका जताई जा रही थी।
पुलिस जांच में दो आरोपियों के नाम सामने आए — रविंद्र उर्फ रावतार ‘कल्लू’ (रोहतक निवासी) और अरुण (सोनीपत निवासी)। दोनों का संबंध गोल्डी ब्रार-रोहित गोदारा गैंग से था और इन पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। यूपी एसटीएफ, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया और गाजियाबाद की ट्रोनिका सिटी इलाके में उन्हें घेर लिया। जब पुलिस ने दोनों को आत्मसमर्पण करने को कहा तो उन्होंने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की ओर से भी गोलीबारी हुई और मुठभेड़ में दोनों शूटर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से आधुनिक हथियार — Glock और Zigana पिस्तौल सहित कई कारतूस बरामद किए। इस मुठभेड़ में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए, हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि इस फायरिंग का उद्देश्य केवल भय फैलाना था। गैंग ने जानबूझकर बॉलीवुड की मशहूर हस्ती को निशाना बनाकर समाज में दहशत पैदा करने की कोशिश की। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं से जुड़े बयानों को लेकर गैंग ने नाराजगी जताई थी, हालांकि पुलिस अभी भी असली मकसद की तहकीकात कर रही है। घटना के बाद प्रशासन ने दिशा पटानी के परिवार को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पटानी परिवार से फोन पर बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि गैंग के बाकी नेटवर्क और हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
दिशा पटानी के घर के बाहर हुई यह फायरिंग और उसके बाद आरोपियों का एनकाउंटर, न केवल एक हाई-प्रोफ़ाइल सुरक्षा मामले की गंभीरता को दर्शाता है बल्कि यह भी बताता है कि गैंगस्टर किस तरह से दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं। पुलिस की तत्परता से एक बड़ा खतरा टल गया, लेकिन इसने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों होते हैं और इन्हें रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जाने जरूरी हैं।






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