Srinagar Nowgam Blast
Srinagar Nowgam Blast: श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन (Nowgam Police Station) में देर रात एक भयानक विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। शुरुआती जाँच से यह स्पष्ट हो रहा है कि यह विस्फोट किसी आतंकी हमले का कारण नहीं था, बल्कि एक दुर्घटनात्मक विस्फोट माना जा रहा है। घटना उस समय हुई जब पुलिस और फोरेंसिक टीम एक बड़ी खेप विस्फोटक सामग्री की जाँच कर रही थी, जिसे पहले जब्त किया गया था।
कहाँ और कैसे हुआ हादसा
यह हादसा श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ, रात करीब 11:20 बजे। स्थानीय फोर्स और फॉरेंसिक टीम उस समय मौके पर थीं क्योंकि वे उस विस्फोटक सामग्री से नमूने ले रहे थे, जिसे पहले फरीदाबाद (हरियाणा) से जब्त किया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस स्टेशन में रखे गए विस्फोटक में से बहुत बड़ा हिस्सा वहीं था — पूरी खेप लगभग 360 किलोग्राम की बताई जा रही है।
क्यों हुआ यह विस्फोट — संभावित कारण
जाँच में दो मुख्य संभावनाएं उभरकर सामने आई हैं:

- मिस-हैंडलिंग: अमोनियम नाइट्रेट जैसी ज्वलनशील रसायन की हैंडलिंग के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो सकता है। स्रोतों का कहना है कि विस्फोट उस वक्त हुआ, जब एक्सपर्ट्स नमूनों के लिए sealing (सीलिंग) कर रहे थे।
- संभावित आतंक-संबंध: कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एक संदिग्ध IED (इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण) सुरक्षा जाँच के दौरान सक्रिय हो गया हो, लेकिन यह अभी पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है।
श्रीनगर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने यह साफ किया है कि यह मामला गहन जांच का विषय है — वे दोनों ही दिशाओं (दुर्घटना और संभावित आतंकी कड़ी) को देख रही हैं।
कितने लोग घायल हुए और कितनी जानें गईं
विस्फोट की वजह से भारी नुकसान हुआ है। विभिन्न रिपोर्ट्स में मरे हुए और घायल हुए लोगों की संख्या में कुछ अंतर है, लेकिन ये कुछ प्रमुख आंकड़े हैं:
- मृतक: कई रिपोर्टों के अनुसार, 8 लोग मारे गए।
- घायल: इस घटना में 27 लोग घायल हुए, जिनमें अधिकांश पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक अधिकारी हैं।
- अस्थिर आंकड़े: कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 7 तक बताई गई है।
- जिला अस्पतालों में भर्ती: कम-से-कम 24 पुलिस कर्मी और 3 नागरिक अस्पताल ले जाया गया है।
घटना के बाद की स्थिति और बचाव-प्रक्रिया

विस्फोट के तुरंत बाद, घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तैनात की गईं। बचाव-दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुख्य धमाके के बाद छोटे-छोटे रिसन फ्लैश विस्फोट भी हुए, जिससे बचाव काम में दिक्कत आयी।
श्रीनगर के पुलिस स्टेशन की इमारत को भारी क्षति पहुंची है, और आसपास के इलाके में भी धमाके की तीव्रता महसूस की गई। घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह विस्फोट “व्हाइट-कलर आतंक मॉड्यूल” से कैसे जुड़ा है
यह विस्फोट उस “व्हाइट-कलर आतंक मॉड्यूल” से जुड़ी सामग्री की जाँच के दौरान हुआ, जिसे पहले ही पुलिस ने फरीदाबाद (हरियाणा) में पकड़ा था।
जाँच एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल पेशेवर पृष्ठभूमि के लोगों — डॉक्टरों, शिक्षाविदों, और अन्य — से जुड़ा हो सकता है।
इस पूरे मामले में यह बहुत महत्वपूर्ण है कि न सिर्फ विस्फोटकों को कैसे पकड़ा गया, बल्कि उन्हें कैसे स्टोर किया गया और जाँचा जा रहा था — यही सुरक्षा की मुख्य खामी मानी जा रही है।
आगे की कार्रवाई और जांच

घटना के बाद, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने एक गहन जांच टीम बनाई है। यह टीम यह पता लगाने में लगी है कि लापरवाही हुई थी या कुछ और — जैसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन।
जाँच में फॉरेंसिक विशेषज्ञ, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विस्फोटक-विश्लेषक शामिल हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि विस्फोट कैसे हुआ और इससे बचने के लिए भविष्य में कौन-से कदम उठाए जाएँ।
साथ ही, मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है।
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निष्कर्ष
श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ यह विस्फोट एक भयानक दुर्घटना जैसा दिखता है, न कि साफ-साफ आतंकवादी हमला। लेकिन इसने बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं — जैसे विस्फोटक सामग्री को कैसे और कहाँ रखा जाए, जाँच करते समय सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए, और क्या पुलिस या फोरेंसिक टीम में सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन हुआ था।
यह हादसा सिर्फ एक ट्रैजिक घटना नहीं है — यह उस सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा है जो हम उन भयंकर और खतरनाक मामलों को संभालने के लिए बनाते हैं।





